Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• अतिसंवेदनशीलता विकार है, जिसके तहत à¤à¤• शरीर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतिपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है (आमतौर पर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पदारà¥à¤¥, à¤à¥‹à¤œà¤¨ से आम दवाइयों, धूल और पराग और अनà¥à¤¯) और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में à¤à¤• उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का कारण बनता है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ संबंधी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती हैं और हलà¥à¤•ी परेशानी वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ से लेकर सबसे चरम मामलों में जीवन के लिठखतरा पैदा करने वाली à¤à¤¨à¤«à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
कारण
यहां हजारों à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ हैं जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का कारण बन सकते हैं, लेकिन सबसे आम में शामिल हैं:
वायà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€: धूल और पराग।
पशॠरोष: पशà¥à¤“ं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं जैसी सामगà¥à¤°à¥€ निकलती है। मानव रूसी के समान।
खादà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨: शैल-मछली, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, नट और/या बीज और लस, अंडे और मछली।
चिकितà¥à¤¸à¤¾: à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ और पेनिसिलिन।
कीड़े के डंक: ततैयाऔर मधà¥à¤®à¤•à¥à¤–ियों।
पौधे: घास और चà¥à¤à¤¨à¥‡ वाले बिचà¥à¤›à¥‚।
पदारà¥à¤¥: लेटेकà¥à¤¸à¥¤
लकà¥à¤·à¤£
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के चकतà¥à¤¤à¥‡
हीवà¥à¤¸
लाल खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली आà¤à¤–ें
खाà¤à¤¸à¥€
घरघराहट
छींक आना
दमे का अटैक
पेट में दरà¥à¤¦ और उलà¥à¤Ÿà¥€
तीवà¥à¤°à¤—à¥à¤°à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤à¤¾
रोकथाम के सà¥à¤à¤¾à¤µ
संपरà¥à¤• में आने से बचें
à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के संपरà¥à¤• में आने से बचें जिससे आप को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है। यह à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दवा संबंधी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लिठआसान है। अचà¥à¤›à¥€ तरह से सà¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दवा के लेबल पढ़ें ताकि उस सामगà¥à¤°à¥€ से बचा जा सके जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का कारण बन सकते हैं।
अपने घर को साफ रखें
धूल और पराग की वजह से होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लिà¤,à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के संपरà¥à¤• में आने से बचने के लिठजोखिम को कम करने में मदद करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका अचà¥à¤›à¥€ तरह से मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® सतहों (जैसे कालीन, असबाबवाला फरà¥à¤¨à¥€à¤šà¤° और तकिà¤) के फरà¥à¤¶ को साफ करना और धूल-कठोर सतहों को à¤à¤• नम कपड़े दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ साफ करें।
पानी में डेटॉल à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• तरल की कà¥à¤› बूंदें डालकर सतहों को साफ कर लें। यह 99.9% कीटाणà¥à¤“ं को मार देगा।
दवा और à¤à¤‚टीथिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¾à¤‡à¤‚स
à¤à¤‚टीथिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¾à¤‡à¤‚स जैसी दवाà¤à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को घटाती और कम करती हैं विशेष रूप से वायà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ (जैसे कि हे फीवर के रूप में) के लिठउपयोगी हो सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह हमारे आसपास के माहौल में होते हैं। रकà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¿à¤•à¥à¤¯à¤¹à¤¾à¤°à¥€ और नाक सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ आम वायà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤/सांस की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से होने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कà¥à¤› को संà¤à¤¾à¤² सकते हैं।
गंà¤à¥€à¤° à¤à¤¨à¤«à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जीवन के लिठखतरा होती हैं और अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, दवाओं, और कीड़े के डंक के कारण होती हैं। अटैक के दौरान, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के इलाज के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¾à¤²à¤¾à¤ˆà¤¨ ही दिया जाता है।
मिथक और सतà¥à¤¯
यदि मà¥à¤à¥‡ किसी से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, कà¥à¤¯à¤¾ मेरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ होगी?
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ माता-पिता से विरासत में मिल सकती है। हालांकि, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में वृदà¥à¤§à¤¿ को आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारक दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूरी तरह से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ नहीं जा सकता है और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के मूल कारणों को को बेहतर समà¤à¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों जैसे कि à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण को à¤à¥€ देख रहे हैं।
यदि मà¥à¤à¥‡ à¤à¤• ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ और अधिक à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का खतरा है?
जरूरी नही। आम à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को केवल à¤à¤• ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है जबकि दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कई चीजों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है। हे फीवर à¤à¤• आम à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है और जबकि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पराग के कई अलग अलग पà¥à¤°à¤•ार से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है, अनà¥à¤¯ को केवल पराग के à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है और वासà¥à¤¤à¤µ में मानव शरीर में सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और असहनशीलताà¤à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से नहीं होती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |